Saturday, June 15, 2019

Poem | Father's Day | 16 June 2019 (LYU000130)



Father's day poem | Quote | Vishal Parihar | Parinita


ऊँगली पकड़ कर चलना सिखाया 

हर मुश्किल में आगे बढ़ना सिखाया 

नम आँखें ढूंढ रही हैं, पापा !! कहाँ हो आप ?? 


मेरी पहचान, मेरा अभिमान हो आप 

मेरी शोहरत, मेरा स्वाभिमान हो आप, 

नम आँखें ढूंढ रही हैं, पापा !! कहाँ हो आप ?? 


बिन आपके, दिन, महीने, साल रही हूँ गुजार, 

जो भूले न भुला सकूँ, वो हैं मेरे पापा का प्यार 

नम आँखें ढूंढ रही हैं, पापा !! कहाँ हो आप ?? 


मंजिल हैं दूर और सफ़र बहुत है, 

आप के प्यार में पापा, आज भी असर बहुत है 

नम आँखें ढूंढ रही हैं, पापा !! कहाँ हो आप ?? 


घर में तो सब अपना प्यार दिखाते हैं 

सच तो यह है, आप आज भी बहुत याद आते हैं 

नम आँखें ढूंढ रही हैं, पापा !! कहाँ हो आप ??


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24 comments:

  1. Nice but sbki kismt ettni acchi Ni Hoti

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  2. Very nice but sbki kismt ek jaisi ni hoti😢😢😢😢

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  3. Nice but sbki kismt inni acchi ni hoti😢😢😢

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